टाइगर और संरक्षण विशेषज्ञों से पूछें

डेल मिक्वेले, पीएच.डी.,

कंट्री कोऑॢडनेटर, वाइल्डलाइ$फ कंज़र्वेशन सोसाइटी

बोस्टन (मैसैचुसेट्स, अमेरिका) में पले-बढ़े डेल मिक्वेले ने येल विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की उपाधि, मिनेसोटा विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि और इडैहो विश्वद्यिालय से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। डॉ. मिक्वेले ने एक वर्ष तक नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर इकोलॉजी परियोजना पर काम किया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण प्रयासों और विशालकाय मांसाहारी जीवों पर शोध दोनों में उनकी दिलचस्पी को और बढ़ाया। डॉ. मिक्वेले होर्नोकर ने वाइल्डलाइ$फ इंस्टीट्यूट में काम करना शुरू किया और साइबेरियाई टाइगर परियोजना की शुरूआत की। यह अंतर्राष्ट्रीय और रूसी विशेषज्ञों के बीच एक सम्मिलित शोध और संरक्षण प्रयास था। लंबे समय तक चलने वाला यह शोध कार्यक्रम रूस के प्रिमोस्र्की में सिखोते-आलिन बॉयोस्$िफयर रिज़र्व में केन्द्रित था। डॉ. मिक्वेले ने रूसी दूर-पूर्व में 16 वर्ष रहकर टाइगर पारिस्थितिकी का अध्ययन किया और अपने ज्ञान को संरक्षण-संबंधी कारगर प्रयासों को क्रियान्वित करने में इस्तेमाल किया। इस समय वाइल्डलाइ$फ कंज़र्वेशन सोसाइटी के रूसी कार्यक्रम के कंट्री कोऑॢडनेटर के रूप में कार्यरत डॉ. मिक्वेले रूस और निकटवर्ती चीन दोनों ही स्थानों पर वाइल्डलाइ$फ कंज़र्वेशन सोसाइटी के शोध और संरक्षण-संबंधी कार्यों के संयोजक हैं, जहां चांग्बाइशान इलाके में टाइगर को पुनस्र्थापित और रिकवर करने के प्रयास जारी हैं।