''टाइगर को बचाना हमारी परीक्षा है; अगर हम इसमें सफल रहते हैं, तो इस धरती को बरकरार रख सकेंगे।''
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टाइगर उस सबका प्रतीक हैं, जो अद्भुत है, रहस्यपूर्ण और स्वाभाविक है। टाइगर प्रजाति को खो बैठने का अर्थ होगा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से हाथ धो बैठना, जो मनुष्य को वन्य-जगत से जोड़ते हैं। एशिया की संस्कृतियों में टाइगर के बारे में ढ़ेर-सारी दंतकथाएं और जनश्रुतियां मौजूद हैं। डेविड कुआम्मेन के शब्दों में:

''जब तक होमो सैपिएन्स सैपिएन्ट बने रहे हैं, एल्$फा प्रीडेटर्स (परभक्षी) ने मानव जगत में हमें अपने अस्तित्व के प्रति सजग रखा है। उन्होंने ऐसा हमें यह याद दिलाते हुए किया है कि हम उनके लिए एक भिन्न स्वाद वाले मांस से से अधिक कुछ नहीं हैं।''